मध्‍यप्रदेश के प्राचीन स्‍थल Madhya Pradesh Acient place

मध्‍यप्रदेश के प्राचीन स्‍थल
मध्‍यप्रदेश में पाषाणकालीन युग के साक्ष्‍य एवं उपकरण प्राप्‍त हुए है-
जिसमें

1.भीमबेटका:- यहा से शैलाश्रय एवं शैलचित्र प्राप्‍त हुये है। यह रायसेन जिले के अंतर्गत अब्‍दूलागंज तहसील में स्थित है जिसकी खोोज विष्‍णु श्रीधर वाकणकरण ने की थी एवं इसे वर्ष 2003 में यूनेस्‍को द्वारा विश्‍व धरोधर की सूची में शामिल किया गया। इस कारण परीक्षाओं हेतु महत्‍वपूर्ण है।  

2. आदमगढ- यह भी पाषाणकालीन स्‍थल है जो होशंगाबाद जिले में शैलाश्रय एवं शैलचित्र है जहॉ से मानव एवं कुत्‍ते की अस्थिया प्राप्‍त हुई है यहॉ से पता चलता है कि सबसे पहले मानव ने कुत्‍ते को पालतू बनाया होगा। 

मध्‍यप्रदेश में ताम्रकालीन युग के साक्ष्‍य एवं उपकरण प्राप्‍त हुए है-
जिसमें
1- हथनौरा- नर्मदा नदी के समीप बुधनी, जिला सीहोर से मानव खोपडी प्राप्‍त हुई है जो मानव की सबसे प्राचीन खोपडी है जिसे नर्मदा मानव नाम दिया गया है। 
2- कायथा- उज्‍जैैन यहॉ से मिट़टी के बर्तन प्राप्‍त हुए है
3- नागदा- उज्‍जैन 
4- डॉगवाला- उज्‍जैैन 
5- आवर- मंदसौर
6- ऐरण- सागर
7- बाघ की गुफा- धार में बोद्धों  से संबंधित है जहॉ कुल 9 गुफाए है जिनमें से 05 अभी भी बची है
8-भरहुत स्‍तूप- सतना में बोद्धों से संबंधित है
9- भ्तहरि की गुफाए- उज्‍जैन में यह नाथ संप्रदाय के बाबा गारखनाथ की साधना स्‍थली हैा
10- उदयगिरि की गुफाऍ- यह विदिशा जिले में चन्‍द्रगुुुप्‍त के मंत्री वीरसेन ने बनबाई  यहॉ हिन्‍दु एवं जैनों से संबंधित गुफाए हैा 
11- धमनार की गुफाए- मंदसौर

धन्‍यवाद
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