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 मुरैना के पहरागढ़ में भीमबेटका, रायसेन  के समकालीन लगभग 10,000 वर्ष पूर्व के भित्ति चित्र बने हुए हैं। अर्थात यहाँ मनुष्यों के रहने के साक्ष्य हैं। 2- रिठौरा मुरैना में गुप्तकालीन मंदिर हैं जो भारत मे नाम मात्र के मंदिरों में से एक हैं। एवं सबसे प्राचीन मंदिर हैं। 3-बटेश्वर मंदिर, मुरैना, गुर्जर प्रतिहार वंश के मंदिर हैं जो भारत मे कुछ ही मंदिर हैं 4-मितावली भवन इसी पर भारत की संसद का डिज़ाइन लिया गया था। अर्थात चौसठ योगिनी मंदिर नाम मात्र के ही हैं भारत मे। 5-शनि मंदिर, मुरैना भारत का सबसे प्राचीन मंदिर हैं। भारत मे शनि मंदिर नाम मात्र के एकाद ही हैं। 6-सिहोनिया में ककनमठ मंदिर 7- विश्व के 80% घड़ियाल मुरैना में पाए जाते है क्योंकि घड़ियाल शुद्ध नदी में रहते है चम्बल मुरैना में सबसे शुद्ध रूप के बहती हैं। 8- विश्व मे कुछ नदियों में अपरदन होता हैं लेकिन चंबल नदी में सबसे अधिक अपरदन होता हैं। 9- चम्बल दुग्ध उत्पादन में श्रेष्ठ हैं।

मध्‍यप्रदेश के प्राचीन स्‍थल Madhya Pradesh Acient place

मध्‍यप्रदेश के प्राचीन स्‍थल -  मध्‍यप्रदेश में पाषाणकालीन युग के साक्ष्‍य एवं उपकरण प्राप्‍त हुए है- जिसमें 1.भीमबेटका: - यहा से शैलाश्रय एवं शैलचित्र प्राप्‍त हुये है। यह रायसेन जिले के अंतर्गत अब्‍दूलागंज तहसील में स्थित है जिसकी खोोज विष्‍णु श्रीधर वाकणकरण ने की थी एवं इसे वर्ष 2003 में यूनेस्‍को द्वारा विश्‍व धरोधर की सूची में शामिल किया गया। इस कारण परीक्षाओं हेतु महत्‍वपूर्ण है।   2. आदमगढ- यह भी पाषाणकालीन स्‍थल है जो होशंगाबाद जिले में शैलाश्रय एवं शैलचित्र है जहॉ से मानव एवं कुत्‍ते की अस्थिया प्राप्‍त हुई है यहॉ से पता चलता है कि सबसे पहले मानव ने कुत्‍ते को पालतू बनाया होगा।  मध्‍यप्रदेश में ताम्रकालीन युग के साक्ष्‍य एवं उपकरण प्राप्‍त हुए है- जिसमें 1- हथनौरा- नर्मदा नदी के समीप बुधनी, जिला सीहोर से मानव खोपडी प्राप्‍त हुई है जो मानव की सबसे प्राचीन खोपडी है जिसे नर्मदा मानव नाम दिया गया है।  2- कायथा- उज्‍जैैन यहॉ से मिट़टी के बर्तन प्राप्‍त हुए है 3- नागदा- उज्‍जैन  4- डॉगवाला- उज्‍जैै न  5- आवर- मंदसौर 6- ऐरण- सागर 7- बाघ की गुफा- धार...

चंबल क्षेत्र के बारे जानकारी

चंबल एक वीर भूमि           चम्‍बल नदी के किनारे वाला क्षेत्र जिसमें मध्‍यप्रदेश के श्‍योपुर, मुरैना एवं भिण्‍ड जिले आते है। चम्‍बल की धरती को वीरो की भूमि कहा जाता है क्‍योकि यहॉ के युवाओ में सेना में जाने का जज्‍बा कमाल का है यहॉ के लोग मौत के भय से नहीं डरते । एवं दिल के साफ होते है लेकिन आक्रामक रूख रखते है जिसका कारण है कि किसी से न डरना जो कहना है सामने ही कहना है। इस वीरो की भूमि से 2 लाख से भी ज्यादा सैनिक सीमा पर खुशी खुशी रह रहे हैं। 

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मध्यप्रदेश की नदियां और पठार